Tuesday, 11 February 2020

bhagwa rang shayari , best 50+ ram raj shayari

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bhagwa rang shayari




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हमेसा की तरह आज भी आपके लिए हम bhagwa rang ram raj shayari लेकर आये है । राम हरे कण कण में बसे है । और जब तक shree ram हमारे साथ है हम सुरक्षित हैं । मित्रो एक बार jai shree ram बोलकर तो देखिए मन को कितना अच्छा लगता है । आपके लिए यह jai shree ram shayari लाये हैं एन्जॉय कीजिये bhagwa rang ram raj shayari शायरी ।





चलिए ज्यादा देर नही करते और पढ़ते है bhagwa rang shayari






bhagwa rang shayari






ram raj shayari





|| वैसे तो हम जानी मानी हस्ती नही हैं ना ही बड़े इंसान हैं,
लेकिन जब भी रास्ते से गुजरते है,
तो दुश्मन के मुँह से भी निकल जाता है,
वो जा रहे श्रीराम के दीवाने !
जय श्री राम ||







|| आओं मिलकर करें साधना,
दिव्य शक्ति के तंत्र की…
गूँजे फिर जयकार धरा पर,
सत्य सनातन धर्म की ||







|| मंजिले मुझे छोड़ गई रास्तो ने पाल लिया हैं,
जा जिंदगी तेरी जरुरत नही, मुझे श्रीराम ने सम्भाल लिया हैं ||







|| मर्यादा पाँव में कब तक जंजीर डालेगी,
माथे पर तिलक लगाकर चला करो,
यहीं पहचान दुश्मन का कलेजा चीर डालेगी ||







|| कतरा कतरा चाहे बह जाये लहू बदन का,
कर्ज उतर दूंगा ये वादा आज मैं कर आया !!
हँसते – हँसते खेल जाऊंगा प्राण रणभूमि में,
ये केसरिया वस्त्र मैं आज धारण कर आया ||









|| जय श्री राम वीरों की दहाड़ होगी
हिन्दुओं की ललकार होगी,
आ रहा है वक्त जब फिर हिन्दुओं की भरमार होगी ||







|| राम जी की ज्योति से नूर मील है,
सबके दिलो को शूरुर मिल्ता है,
जो भी जाम है राम जी के द्वार,
कुछ ना कुछ जरुर मिल गया है ||







|| कतरा कतरा चाहे बह जाये लहू बदन का, कर्ज उतर दूंगा ये वादा आज मैं कर आया !! हँसते – हँसते खेल जाऊंगा प्राण रणभूमि में, ये केसरिया वस्त्र मैं आज धारण कर आया ||







|| गंगा बड़ी गोदावरी, तीरथ बड़ा प्रयाग,
सबसे बड़ी अयोध्या नगरी, जहां राम लिये अवतार ||









|| राम नाम का फल है मीठा, कोई चख देख ले!
खुल जाते हैं भाग,
कोई पुकार के देख ले! जय श्री राम ||







|| मन राम का मंदिर हैं, यहाँ उसे विराजे रखना। पाप का कोई भाग नहीं होगा, बस राम को थामे रखना। जय श्री राम ||







bhagwa rang ram raj shayari






ram raj bhagwa rang





|| असली रामभक्त -
अन्य के लिए जो रक्त बहाये
मातृभूमि का जो देशभक्त कहलाये
गर्जन से शत्रु का तख़्त हिलाये
असुरो से पृथ्वी को विरक्त कराये
वही असली राम भक्त कहलाये.!
जय श्री राम ||









|| संगेमरमर की तू बात न कर मुझसे
मैं अगर चाहूँ तो एहसास-ऐ-मोहब्बत लिख दूँ
ताजमहल भी झुक जाएगा चूमने के लिए
में जो एक पत्थर पे राम नाम लिख दूँ
जय श्री राम ||







|| जिनके मन में श्री राम है,
भाग्य में उसके वैकुण्ठ धाम है,
उनके चरणो में जिसने जीवन वार दिया,
संसार में उसका कल्याण है.
जिया श्री राम ||







|| संगे मरमर की तू बात न कर मुझसे। मैं अगर चाहूँ तो एहसास-ऐ-मोहब्बत लिखदु।। ताज महल भी झूख जाएगा चूमने के लिए। में जो एक पथ्थर पे राम नाम लिखदु ||







|| मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी। राम सिया राम सिया राम जय जय राम। जय श्री राम ||









|| कभी कभी खाक़ जम़ीन पर बैठ जाता हूँ मैं,
क्यूँकि प्यार है मुझे मेरी Aukat से ||







|| अनपढ़ लोगो की वजह से ही हमारी मातृभाषा बची हुई हैं साहब,
वरना पढ़े हुए कुछ लोग तो राम राम बोलने में भी शरमाते हैं ||






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